शिक्षा

Education

शिक्षा अपने चारों ओर की चीजों को सीखने की एक प्रक्रिया है। यह हमें किसी भी वस्तु या परिस्थिति को आसानी से समझने, किसी भी तरह की समस्या से निपटने और पूरे जीवनभर विभिन्न आयामों में सन्तुलन बनाए रखने में मदद करती है। शिक्षा सभी मनुष्यों का सबसे पहला और सबसे आवश्यक अधिकार है। बिना शिक्षा के हम अधूरे हैं, और हमारा जीवन बेकार है। शिक्षा हमें अपने जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

यह हमारे ज्ञान, कुशलता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में सुधार करती है। यह हमारे जीवन में दूसरों से बात करने की बौद्धिक क्षमता को बढ़ाती है। शिक्षा परिपक्वता लाती है और समाज के बदलते परिवेश में रहना सिखाती है। यह सामाजिक विकास, आर्थिक वृद्धि और तकनीकी उन्नति का रास्ता है।
शिक्षा सभी के जीवन में, व्यक्तित्व का निर्माण, ज्ञान और कौशल में सुधार करके, एक सभ्य मनुष्य बनाने में महान भूमिका निभाती है। यह एक व्यक्ति को भले और बुरे के बारे में सोचने की क्षमता प्रदान करती है। हमारे देश में शिक्षा को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाता है; प्रारम्भिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, और उच्च माध्यमिक शिक्षा। यह चीजों और परिस्थितियों का विश्लेषण करने के लिए हमारे कौशल, चरित्र और पूरे व्यक्तित्व को विकसित करती है। शिक्षा एक व्यक्ति के जीवन में लक्ष्य को निश्चित करने के द्वारा उसके वर्तमान और भविष्य को पोषित करती है। शिक्षा के महत्व और इसकी गुणवत्ता में दिन प्रति दिन सुधार व वृद्धि हो रही है।

हर बच्चें को अपनी उचित आयु में स्कूल अवश्य जाना चाहिए क्योंकि सभी को जन्म से ही शिक्षा प्राप्त करने का समान अधिकार प्राप्त होता है। किसी भी देश का विकास और वृद्धि, इस देश के युवाओं के लिए स्कूल और कॉलेजों में निर्धारित की गयी शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। तो भी, देश के प्रत्येक क्षेत्र में, शिक्षा प्रणाली समान नहीं है, इसलिए समाज और लोगों की उचित वृद्धि और विकास नही हो पा रहा है।